जांजगीर चाम्पा

अकलतरा में सरकारी क्वार्टरों पर अवैध रूप से कब्जा, वसुली का गोरखधंधा सहित भारी अनियमितता का लग रहा आरोप

एलॉटमेंट में गड़बड़ी और वसूली के गंभीर आरोप

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जांजगीर-चांपा

जिले के अकलतरा क्षेत्र में सरकारी विभागों के आवासीय क्वार्टरों को लेकर बड़ा अनियमितता का मामला सामने आ रहा है। विशेष रूप से जल संसाधन विभाग सहित अन्य विभागों के क्वार्टरों में अवैध कब्जा, नियमों की अनदेखी और कथित वसूली का गोरखधंधा तेजी से फैलता नजर आ रहा है।

“”रिटायरमेंट के बाद भी नहीं खाली हो रहे क्वार्टर””

सूत्रों के अनुसार, कई कर्मचारी सेवानिवृत्ति के बाद भी निर्धारित समय सीमा में सरकारी आवास खाली नहीं कर रहे हैं। नियमों के मुताबिक रिटायरमेंट के बाद क्वार्टर खाली करना अनिवार्य होता है, लेकिन इसके बावजूद कई लोग वर्षों से कब्जा जमाए हुए हैं। इससे नए और पात्र कर्मचारियों को आवास नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनमें नाराजगी बढ़ रही है।

“”किराए पर चल रहे सरकारी क्वार्टर””

सूत्र बताते हैं कि कुछ लोग अपने नाम पर आवंटित सरकारी क्वार्टर को निजी तौर पर किराए पर दे रहे हैं। यह सीधे-सीधे सरकारी नियमों का उल्लंघन है और इससे सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग हो रहा है।

“”एलॉटमेंट के नाम पर वसूली के आरोप””

सबसे चौंकाने वाला आरोप यह है कि विभाग के एक बाबू द्वारा क्वार्टर एलॉटमेंट के नाम पर पैसे की मांग की जाती है। सूत्रों का कहना है कि बिना “लेन-देन” के आवंटन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ती। यदि यह आरोप सही साबित होते हैं, तो यह गंभीर भ्रष्टाचार का मामला बन सकता है।

“”एक के नाम, दूसरे का कब्जा””

जांच में यह भी सामने आया है कि कई क्वार्टर ऐसे हैं जो एक व्यक्ति के नाम पर एलॉट हैं, लेकिन उनमें रह कोई और रहा है। इतना ही नहीं, दूसरे विभागों के कर्मचारी भी जल संसाधन विभाग के क्वार्टर में रह रहे हैं, जो पूरी तरह नियमों के विरुद्ध है।

“”शौचालय में भी कब्जा: सीएमओ के संज्ञान में मामला””

बताया जा रहा है कि लाखों रुपए खर्च कर जन सुविधा केंद्र (शौचालय) विभिन्न विभाग के कार्यालयों के बीच में जहां नवीन बस स्टैंड, पुलिस थाना, एसडीओपी कार्यालय, सब्जी मंडी, PHE ऑफिस स्थित है वहां पर अकलतरा नगर पालिका में कार्य करने वाले ही पिछले एक साल से अधिक समय से कब्जा जमाए हुए हैं। कब्जे की जानकारी नगर पालिका सीएमओ के संज्ञान में होने के बावजूद कार्रवाई नहीं होना समझ से परे है। वैसे ही 112 के ड्राईवर द्वारा पुराने थाने के पास सरकारी क्वार्टर को कब्जा करने का मामला सामने आया है।स्थानीय कर्मचारियों और नागरिकों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही सभी अवैध कब्जों को हटाकर पात्र कर्मचारियों को आवास उपलब्ध कराया जाए।

“”अब नजर प्रशासन पर””

यह पूरा मामला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। अब देखना यह होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और क्या जिम्मेदारों पर कार्रवाई होती है या फिर मामला फाइलों में ही दबकर रह जाता है।

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