विश्व पर्यावरण दिवस पर वेल विशर फाउंडेशन की अनूठी पहल

पर्यावरण संगोष्ठी एवं प्लास्टिक मुक्त समाज के लिए निःशुल्क बर्तन सेवा का शुभारंभ
जांजगीर-चांपा
अकलतरा // विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वेल विशर फाउंडेशन द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं प्लास्टिक मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए पर्यावरण संगोष्ठी का आयोजन किया गया तथा निःशुल्क बर्तन सेवा का विधिवत उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों एवं फाउंडेशन के पदाधिकारियों व सदस्यों द्वारा पूजा-अर्चना कर किया गया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ समाजसेवी के.डी. वैष्णव ने कहा कि वेल विशर फाउंडेशन द्वारा शुरू की गई यह पहल सराहनीय है। यह पर्यावरण संरक्षण के लिए एक अनूठा प्रयास है, जिसका लाभ समाज के सभी वर्गों को उठाना चाहिए।वरिष्ठ समाजसेवी सतीश दीवान ने कहा कि प्लास्टिक पर्यावरण का सबसे बड़ा दुश्मन है। इसका अपघटन लगभग असंभव होने के कारण यह लंबे समय तक पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने कहा कि निःशुल्क बर्तन सेवा जैसी पहल लोगों को प्लास्टिक और डिस्पोजल सामग्री के उपयोग से बचने के लिए प्रेरित करेगी।प्राचार्य केशव कौशिक ने अपने संबोधन में कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम एक पौधा लगाकर उसे वृक्ष बनने तक संरक्षित करना चाहिए। उन्होंने वेल विशर फाउंडेशन द्वारा जनहित एवं पर्यावरण हित में किए जा रहे सतत प्रयासों की सराहना करते हुए समाज से इन गतिविधियों का लाभ लेने की अपील की।प्राचार्य विपिन पांडेय ने कहा कि निःशुल्क बर्तन सेवा का मुख्य उद्देश्य प्लास्टिक एवं डिस्पोजल सामग्री के उपयोग को कम करना है। उन्होंने कहा कि बड़े आयोजनों में न हो सके तो छोटे पारिवारिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों में भी इस सेवा का उपयोग कर पर्यावरण संरक्षण में योगदान दिया जा सकता है।कार्यक्रम में वेल विशर फाउंडेशन के अध्यक्ष अविनाश सिंह, कोषाध्यक्ष श्रीमती रंजना सिंह, सदस्य दीपक साहू, समाजसेवी दिलेश्वर साहू एवं हर नारायण साहू ने भी अपने विचार व्यक्त किए।कार्यक्रम का संचालन फाउंडेशन के सचिव चिराग शर्मा ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन संस्था के सदस्य श्रीपाल सिंह बैस ने किया।इस अवसर पर सतीश मानिकपुरी, फिरोज कश्यप, गौतम साहू, मन्नू थवाईत, आकाश राठौर, दुले चंद साहू सहित अनेक समाजसेवी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।वेल विशर फाउंडेशन की यह पहल पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामाजिक जागरूकता बढ़ाने और प्लास्टिक मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में एक सकारात्मक एवं प्रेरणादायक कदम मानी जा रही है।




