जांजगीर-चांपा

चिटफंड कंपनी विनायक होम्स रियल स्टेट कंपनी के संचालक को 10 वर्ष का सश्रम कारावास की सजा

छः वर्ष में रकम दुगुना करने का दिया था लालच माननीय जयदीप गर्ग विशेष न्यायाधीश (छ.ग. निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम), जांजगीर का फैसला

 

 

जांजगीर-चांपा

जांजगीर// आरोपी द्वारा रकम दुगुना करने का लालच देकर छलपूर्वक पैसा हड़पने वाले आरोपी को माननीय न्यायालय द्वारा भादवि की धारा 420 के अपराध के लिए 7 वर्ष, के सश्रम कारावास एवं 1,00,000/- रू० का अर्थदण्ड, ईनामी चिटफंड एवं धन परिचालन स्कीम अधिनियम की धारा 4 के अपराध के लिए 03 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 5000/- रू0 के अर्थदण्ड, ईनामी चिट एवं धन परिचालन स्कीम अधिनियम की धारा 5 के अपराध के लिए 2 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 3000/- रू० के अर्थदण्ड तथा छ०ग० के निक्षेपकों के हितों का संरक्षण की धारा 10 के अपराध के लिए 10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1,00,000/- रू0 के अर्थदण्ड से दंडित किया गया है।संदीप सिंह बनाफर लोक अभियोजक, जांजगीर के बताये अनुसार वर्ष 2013 में प्रार्थी रामकिशुन यादव को चिटफंड कंपनी विनायक होम्स रियल स्टेट कंपनी के संचालक जितेंद्र बिषे, योगेन्द्र बिषे एवं फूलचंद बिषे के द्वारा बताया गया कि कोरबा रोड, चांपा में स्थित विनायक होम्स रियल स्टेट कंपनी मे पैसा जमा करने पर विशेष आफर योजना के अंतर्गत साढ़े छः साल में पैसा दो गुना हो जायेगा और उनकी बातों के विश्वास में आकर प्रार्थी ने वर्ष 2013 में 03 लाख रू0, वर्ष 2015 में 03 लाख रू0 को साढ़े छः साल के लिए फिक्स जमा किया। कंपनी के द्वारा उक्त आशय का वचन पत्र दिया गया। वचन पत्र के अनुसार प्रार्थी साढ़े छः साल पूर्ण होने पर कंपनी के आफिस गया तो आफिस बंद था । उसे पता चला कि कंपनी फरार हो गयी है। कंपनी के द्वारा प्रार्थी को मूल जमा राशि व उस पर मुनाफा की राशि वापस नहीं लौटायी गयी और छल कर बेईमानी से रकम प्राप्त कर लिये। प्रार्थी की उपरोक्त लिखित रिपोर्ट के आधार पर चिटफंड कंपनी विनायक होम्स रियल स्टेट कंपनी के संचालक जितेंद्र बिषे, योगेन्द्र बिषे, एवं फूलचंद बिषे के विरूद्ध थाना चांपा में अपराध कमांक 95/21 अंतर्गत धारा 420/34 भा.दं.स., ईनामी चिट एवं धन परिचालन स्कीम की धारा 3,4 एवं 5 तथा छ.ग. के निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम की धारा 6 व 10 के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज किया गया। तत्पश्चात विवेचना पूर्ण कर अभियोग पत्र माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। अभियोजन की ओर से कुल 10 गवाहों का कथन कराया गया।अभियोजन द्वारा तर्क प्रस्तुत किया गया कि जिस प्रकार से आरोपी द्वारा पैसा हड़पने की नियत से अनेक निवेशकों से कंपनी में राशि जमा करवाकर परिपक्वता तिथि पर अथवा उसके उपरांत उन्हें देय राशि वापस अदा न कर छल कर गंभीर अपराध कारित किया है। अतः आरोपीगण को कठोर से कठोर से दंड दिया जावे। इस प्रकार अभियोजन साक्षियो का न्यायालयीन विश्लेषण करने पर माननीय न्यायालय ने पाया कि अभियोजन संदेह से परे आरोप प्रमाणित करने में सफल रहा है। अतः अभियुक्त के विरूद्ध सिद्धदोष अपराध की प्रकृति तथा विधि द्वारा नियत सजा को देखते हुए अभियुक्त फूलचंद बिषे पिता स्व० मोतीलाल बिषे, उम्र 72 वर्ष, निवासी 194 डा. अंबेडकर नगर इंदौर थाना एम.आई.जी. जिला इंदौर (म०प्र०) हाल मुकाम हामुखेड़ी गलिचा बस्ती थाना नागझिरी, जिला उज्जैन म०प्र० को भादवि की धारा 420 के अपराध के लिए 7 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1,00,000/- रू० का अर्थदण्ड, ईनामी चिट एवं धन परिचालन स्कीम अधिनियम की धारा 4 के अपराध के लिए 03 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 5000/- रू0 के अर्थदण्ड, ईनामी चिट एवं धन परिचालन स्कीम अधिनियम की धारा 5 के अपराध के लिए 2 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 3000/- रू0 के अर्थदण्ड तथा छ०ग० के निक्षेपकों के हितों का संरक्षण की धारा 10 के अपराध के लिए 10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1,00,000/- रू० के अर्थदण्ड से दंडित किया गया है। वहीं अर्थदण्ड की राशि अदा नहीं करने पर कमशः 7 माह, 3 माह, 2 दो, 10 माह के सश्रम कारावास की सजा माननीय न्यायालय द्वारा दी गयी है।अभियोजन की ओर से श्री संदीप बनाफर लोक अभियोजक, जांजगीर ने पैरवी किIMG 20260707 175706 kshititechIMG 20260707 175652 kshititechया।

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