जांजगीर चाम्पा

माननीय शिक्षा मंत्री से छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ की प्रांतीय टीम ने की सौजन्य भेंट।

शिक्षकों की 10 सूत्रीय मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय का आग्रह,वर्तमान पद्नोन्नतियों में TET की अनिवार्यता समाप्त की जाए

 

जांजगीर-चांपा

 

छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ के प्रांतीय पदाधिकारियों ने माननीय शिक्षा मंत्री महोदय से सौजन्य भेंट कर प्रदेश के शिक्षकों की विभिन्न लंबित मांगों एवं समस्याओं के निराकरण को लेकर सार्थक एवं विस्तृत चर्चा की। संघ के प्रांतीय प्रवक्ता अत्रि प्रताप सिंह ने बताया कि मुलाकात के दौरान प्रदेश के लगभग दो लाख शिक्षकों के हितों से जुड़ी संघ की प्रमुख 10 सूत्रीय मांगों पर शीघ्र सकारात्मक एवं समयबद्ध निर्णय लिए जाने का आग्रह किया गया।प्रतिनिधिमंडल में संघ के प्रांतीय संगठन मंत्री ओंकार सिंह ठाकुर, कार्यकारी अध्यक्ष उमेश भारती गोस्वामी, महामंत्री मनोज राय एवं प्रवक्ता अत्रि प्रताप सिंह शामिल रहे। प्रांतीय पदाधिकारियों की इस पहल को शिक्षक हित में महत्वपूर्ण बताते हुए छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ जिला जांजगीर-चांपा इकाई ने प्रसन्नता व्यक्त की तथा प्रांतीय टीम को बधाई एवं साधुवाद प्रेषित किया।

 

इन 10 प्रमुख मांगों पर शीघ्र निर्णय का आग्रह

 

1. तृतीय क्रमोन्नत वेतनमान: सहायक शिक्षकों के तृतीय क्रमोन्नत वेतनमान के लंबित प्रकरण में शीघ्र मंत्रिमंडलीय स्वीकृति प्रदान की जाए।

 

2. प्रांतीय कार्यालय हेतु भूमि: छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ के प्रांतीय कार्यालय के लिए नया रायपुर में रियायती दर पर भूखंड उपलब्ध कराया जाए।

 

3. भर्ती-पदोन्नति नियम 2026: भर्ती-पदोन्नति नियम 2026 का समयबद्ध प्रक्रिया के तहत शीघ्र क्रियान्वयन किया जाए।

 

4. नियमित पदोन्नति: शिक्षा विभाग में प्रभाववाद को समाप्त करते हुए समस्त वर्ग के शिक्षकों से लेकर अपर संचालक स्तर तक के रिक्त पदों पर प्रतिवर्ष नियमित पदोन्नति सुनिश्चित की जाए।

 

5. पेंशन प्रकरण: एल.बी./सर्वग शिक्षकों के पेंशन प्रकरणों के निराकरण के लिए सेवा की गणना प्रथम नियुक्ति तिथि से किए जाने की व्यवस्था की जाए।

 

6. समाप्त पदों का पुनर्सृजन: आरएमएसए (RMSA) के अंतर्गत संचालित हाईस्कूलों में संस्कृत व्याख्याता, भृत्य, लिपिक एवं स्वीपर के समाप्त किए गए पदों को पुनः सृजित एवं पुनर्जीवित किया जाए।

 

7. ग्रंथपाल पद के नियम: सहायक शिक्षक से शिक्षक ग्रंथपाल पद पर पदोन्नत/संविलियन किए गए पदों का राजपत्र में प्रकाशन कर स्पष्ट नियम बनाया जाए।

 

8. पदोन्नति में TET की अनिवार्यता: पदोन्नति के मूल नियमों में निर्धारित वरिष्ठता एवं सह-योग्यता के आधार पर वर्तमान पदोन्नतियों में TET की अनिवार्यता समाप्त की जाए।

 

9. स्वामी आत्मानंद विद्यालय: प्रदेश के विद्यालयों में हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम का समान रूप से संचालन सुनिश्चित किया जाए तथा स्थानीय व्यय भुगतानों में डीईओ के प्रतिहस्ताक्षर की व्यवस्था समाप्त की जाए।

 

10. अतिथि शिक्षकों की सुविधाएं: प्रदेश के 1553 अतिथि शिक्षकों को संविदा शिक्षकों के समकक्ष अवकाश सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जाएं।

 

जिला इकाई ने कहा कि शिक्षक हितों से जुड़े इन महत्वपूर्ण विषयों को प्रांतीय पदाधिकारियों द्वारा शिक्षा मंत्री के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाया जाना स्वागतयोग्य पहल है। संघ को उम्मीद है कि शासन स्तर पर इन मांगों पर सकारात्मक विचार करते हुए शीघ्र आवश्यक निर्णय लिया जाएगा।इस पहल का स्वागत एवं प्रांतीय टीम के प्रति आभार व्यक्त करने वालों में प्रांतीय महामंत्री डॉ. भुवनेश्वर देवांगन, जिलाध्यक्ष डॉ. रविन्द्र द्विवेदी, जिला संगठन मंत्री राजेन्द्र जायसवाल, कार्यकारी अध्यक्ष संतोष साव, जिला सचिव लक्ष्मीनारायण तिवारी, पूर्व जिला सचिव विजय थवाईत, कार्यकारिणी सदस्य प्रदीप श्रीवास, जय तिवारी सहित संघ के प्रांतीय एवं जिला पदाधिकारी तथा सदस्य शामिल हैं।

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