कनिष्ठ प्रशासनिक संघ को लिपिक संघ का समर्थन,नायब तहसीलदार के साथ मारपीट की घटना के विरुद्ध लिपिक संघ ने जारी किया निंदा प्रस्ताव

छत्तीसगढ़ प्रदेश लिपिक संघ हुआ लामबंद

जांजगीर-चांपा
जांजगीर // नायब तहसीलदार के साथ हुए शासकीय कार्य में बाधा,अभद्र व्यवहार और मारपीट को लेकर प्रदेश भर के तहसीलदारों के नाराजगी बनी हुई है। जिसमें अब तक कार्रवाई नहीं होने से नाराज कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ 1 जून से काम बंद,कलमबंद हड़ताल और अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए है।उप तहसील राजापुर, तहसील मैनपाट, जिला सरगुजा में पदस्थ नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट तुषार मानिक के साथ शासकीय कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान घटित मारपीट, अभद्रता एवं शासकीय कार्य में बाधा की गंभीर घटना के संबंध में आज तक मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर छत्तीसगढ़ प्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ ने गहरा रोष एवं चिंता व्यक्त की है।27 मई 2026 को उप तहसील राजापुर में पदस्थ नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक मजिस्ट्रेट तुषार मानिक अपने न्यायालयीन एवं राजस्व दायित्वों का निर्वहन कर रहे थे। इसी दौरान उनके साथ अभद्र व्यवहार, मारपीट एवं शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न किए जाने की गंभीर घटना घटित हुई। लिपिक संघ के अनुसार यह घटना केवल एक अधिकारी के साथ हुई व्यक्तिगत घटना नहीं है, बल्कि संपूर्ण शासकीय कर्मचारी अधिकारी के साथ साथ राजस्व प्रशासन, न्यायालयीन व्यवस्था एवं विधिसम्मत प्रशासनिक कार्यप्रणाली की गरिमा पर सीधा आघात है।उक्त घटना के विरोध में छत्तीसगढ़ प्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ जिला जांजगीर चांपा के जिलाध्यक्ष विशाल वैभव द्वारा संघीय पत्र जारी कर निंदा एवं समर्थन प्रस्ताव पारित करते हुए घटना की कड़ी निंदा की गई है तथा शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की गरिमा, सुरक्षा एवं सम्मान सुनिश्चित किए जाने की मांग की गई है। साथ ही घटना की तीव्र निंदा करते हुए दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी एवं कठोर कार्यवाही की मांग की गई है तथा छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ की मांगों का नैतिक समर्थन व्यक्त किया गया है।लिपिक संघ के अनुसार यह घटना एक अधिकारी का विषय नहीं है, बल्कि संपूर्ण प्रशासनिक व्यवस्था, विधिसम्मत कार्यप्रणाली एवं शासकीय सेवाओं की गरिमा से जुड़ा हुआ विषय है।इस संबंध में लिपिक संघ जिलाध्यक्ष विशाल वैभव ने बताया कि जल्द ही दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो प्रांतीय आव्हान पर आंदोलन हेतु बाध्य होना पड़ेगा जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।।। भविष्य में शासकीय अधिकारी कर्मचारियों की गरिमा, सुरक्षा एवं सम्मान सुनिश्चित किया जाए जिसके तहत् शासकीय कर्तव्यों के संपादन के दौरान शासकीय सेवक को भयभीत करने, अनुचित दबाव बनाने अथवा उनके साथ अपमर्यादित आचरण करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ बिना किसी पक्षपात के शून्य सहनशीलता की नीति अपनाते हुए कड़ी कार्यवाही हेतु शासन द्वारा नियम जारी किया जावे तथा इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो इस संबंध में भी शासन द्वारा एक सुस्पष्ट सुरक्षा मानक संचालन प्रक्रिया जारी किए जाने की मांग की गई है।



