रेशम उत्पादन में छत्तीसगढ़ को पहले पायदान पर लाना हैः उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव

रेशम कृषि मेला सह मेरा रेशम,मेरा अभिमान कार्यक्रम का आयोजन

रेशम उत्पादन से जुड़े किसानों को किया गया सम्मानित

रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने और किसानों को प्रोत्साहित करने उपमुख्यमंत्री ने डीएमएफ से एक करोड़ रुपए देने की घोषणा की

कोरबा , छत्तीसगढ़ में रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने रेशम कृषि मेला सह मेरा रेशम, मेरा अभिमान, का छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री, लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, विधि व विधायी कार्य, तथा नगरीय प्रशासन मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव ने शुभारंभ किया। इस अवसर उपमुख्यमंत्री ने रेशम उत्पादन से जुड़े किसानों को चेक और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। अपने उद्बोधन में श्री साव ने कहा कि मेरा रेशम, मेरा अभिमान कार्यक्रम का उद्देश्य आपको आधुनिक मशीनों के संबंध में जानकारी प्रदान करना, प्रशिक्षण उपलब्ध कराते हुए आपको रेशम उत्पादन से जोड़ना ही नहीं है बल्कि आपकी आमदनी को बढ़ाना और आपको आत्मनिर्भर बनाकर प्रदेश और देश को आर्थिक प्रगति की राह में आगे ले जाना भी है। अभी रेशम उत्पादन में छत्तीसगढ़ देश में दूसरे नंबर में है, इसे आप सभी के सहयोग से पहले पायदान पर ले जाना है। उन्होंने इस आयोजन को मील का पत्थर बताते हुए इसमे सभी की सहभागिता को आवश्यक बताया और किसानों के प्रशिक्षण तथा मेरा रेशम, मेरा अभिमान कार्यक्रम के प्रगति के लिए जिला खनिज संस्थान न्यास से एक करोड़ रुपये देने की घोषणा करते हुए राज्य को रेशम उत्पादन में पहले नम्बर में लाने की अपील की।कोरबा के पाली ब्लॉक में केंद्रीय रेशम बोर्ड- बुनियादी बीज का प्रगुणन एवं प्रशिक्षण केन्द्र में केरेबो-बुनियादी तसर रेशम कीट बीज संगठन, केन्द्रीय रेशम बोर्ड, वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार बिलासपुर द्वारा आयोजित कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री साव ने रेशम उत्पादन को आमदनी का प्रमुख स्रोत बताते हुए कहा कि सरकार द्वारा आपको प्रोत्साहित करने के लिए इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। आप जितने सक्षम होते जाएंगे आपका प्रदेश और देश भी उतना ही सक्षम होगा। इस अभियान से किसानों को प्रशिक्षण की सुविधा मिलने के साथ ही रेशम उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने महिलाओं को महतारी वन्दन योजना से प्रतिमाह एक हजार रुपये दिए जाने की बात कहते हुए बताया कि महिलाओं को आर्थिक रुप से सक्षम बनाने के दिशा में कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने रेशम उत्पादन में आने वाली बाधाओं को दूर करने की बात कही। इसके लिए रेशम विभाग से जुड़े अधिकारियों को कार्यालय आकर समस्याओं को चिन्हित कराने कहा है। उपमुख्यमंत्री श्री साव सहित अन्य अतिथियों ने मेरा रेशम,मेरा अभिमान के पोस्टर का विमोचन भी किया। इस दौरान उन्होंने रेशम कृषि मेले में आयोजित स्टॉल का अवलोकन किया। उन्होंने आधुनिक स्तर पर उत्पादन में सहयोगी गतिविधियों को देखने के साथ ही किसानों से चर्चा भी की। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने प्रशिक्षण एवं रेशम उत्पादन से जुड़े हितग्राही श्रीमती सोनकुंवर बैगा, मुखीराम, शिवरात्रि, गनेश राम, रेशम बाई, सोमनाथ, शकुंतला यादव, कर्मा सिंह, रामकुमार, दिनेश पाल, कनकी दास, बरातू लाल सहित अन्य किसानों को पुरस्कृत एवं सम्मानित किया कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कटघोरा विधायक श्री प्रेमचंद पटेल ने कहा कि हमारे जिले में बड़ी मात्रा में रेशम का उत्पादन होता है। यह रेशम कीमती होने के साथ ही किसानों के आय का प्रमुख जरिया भी है। रेशम उत्पादन से बहुत से लोगों को रोजगार भी मिला है। प्रधानमंत्री की मंशा है कि किसानों की आमदनी भी दुगनी हो, ऐसे में स्थानीय किसानों को इससे जुड़कर आमदनी अर्जित करना होगा। पाली-तानाखार क्षेत्र के विधायक श्री तुलेश्वर सिंह मरकाम ने कहा कि कोरबा को पहचान पहले से ही रेशम के पटल पर विश्व विख्यात है। यहाँ से बड़ी संख्या में किसान जुड़े हुए हैं। मेरे रेशम, मेरा अभिमान स्थानीय किसानों के लिए लाभदायक होगा। कलेक्टर श्री अजीत वसन्त ने इस अवसर पर कहा कि मेरा रेशम, मेरा अभिमान जैसे कार्यक्रम से आमनागरिको में जागरूकता आएगी और वे रेशम के महत्व को जानने के साथ इससे जुड़ेंगे। कलेक्टर ने कहा कि रेशम उत्पादन में वे किसान भी है जो समाज के कमजोर वर्ग से है। यह गतिविधि पूर्णतः पर्यावरण अनुकूल है,जो सतत विकास के लिए लाभदायक है। उन्होंने कहा कि विभाग भी तकनीकों का इस्तेमाल कर आगे बढ़ रहा है। यह बहुत अच्छा होगा कि हम प्रशिक्षण और उत्पादन को बढ़ावा देकर आमदनी को दुगनी कर सके और सभी के लिए रेशम की उपलब्धता सुनिश्चित कर पाएं। कलेक्टर ने रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए जिला प्रशासन द्वारा सभी प्रकार की सहायता उपलब्ध कराने की बात कही। केंद्रीय रेशम बोर्ड रांची के निदेशक डॉ एन बी चौधरी और बिलासपुर के डॉ नरेन्द्र कुमार भाटिया ने देश प्रदेश में हो रहे रेशम उत्पादन और इससे जुड़े आजीविका के गतिविधियों को बताया। उन्होंने बताया कि केंद्रीय और राज्य रेशम बोर्ड के माध्यम से रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने प्रशिक्षण और किसानों को जोड़ने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किया जाता है। इससे बड़ी संख्या में आदिवासी परिवार भी जुड़े है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवनसिंह कंवर, महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, नगर पंचायत पाली के अध्यक्ष श्री अजय जायसवाल, पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी, डीएफओ श्री कुमार निशांत, सहायक कलेक्टर श्री क्षितिज गुरभेले, संयुक्त कलेक्टर श्री मनोज कुमार, रेशम विभाग के श्री सी.एस.नोन्हारे, डॉ. जयप्रकाश पाण्डेय, डॉ. हसनसाब नदाफ, डॉ. विनोद सिंह, श्री बलभद्र सिंह भंडारी, कृषि महाविद्यालय अनुसंधान केन्द्र कटघोरा के डॉ. एस.एस.पोर्ते सहित रेशम विभाग से जुड़े वैज्ञानिक एवं अधिकारी, जनप्रतिनिधि श्री गोपाल मोदी, डॉ. राजीव सिंह तथा आम नागरिकगण उपस्थित थे।
