छत्तीसगढ़ में साइबर फ्रॉड के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़, शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ठगी करने वाले 4 आरोपी गिरफ्तार

बिलासपुर रेंज साइबर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, करोड़ों के साइबर अपराध से जुड़े मिले तार
बिलासपुर
बिलासपुर रेंज साइबर थाना बिलासपुर ने साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी और प्रभावी कार्रवाई करते हुए शेयर ट्रेडिंग के नाम पर लोगों को ठगी का शिकार बनाने वाले एक संगठित साइबर फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में शामिल **चार आरोपियों को गिरफ्तार** किया है, जिनके बैंक खातों से देश के विभिन्न राज्यों में हुए करोड़ों रुपये के साइबर अपराधों के तार जुड़े पाए गए हैं।प्रकरण में नर्मदा नगर कॉलोनी, थाना सिविल लाइन, बिलासपुर निवासी एक महिला को शेयर ट्रेडिंग में अधिक मुनाफा दिलाने का झांसा देकर अलग-अलग तिथियों में कुल **17 लाख 21 हजार 100 रुपये** की ऑनलाइन ठगी की गई थी। शिकायत प्राप्त होने के बाद रेंज साइबर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों एवं बैंकिंग ट्रांजेक्शन की गहन जांच करते हुए आरोपियों तक पहुंच बनाई।
### **गिरफ्तार आरोपी**
1. **मुकेश कुमार दास (29 वर्ष)**, निवासी समस्तीपुर (बिहार), वर्तमान निवास रायपुर
2. **केशव साव**, निवासी रायगढ़ (छत्तीसगढ़)
3. **संदीप कुमार चंद्रा उर्फ विक्की**, निवासी सक्ती (छत्तीसगढ़)
4. **शिशिर राठौर (35 वर्ष)**, निवासी सक्ती, वर्तमान निवास रायपुर
### **देशभर में फैला था साइबर ठगी का नेटवर्क**
जांच के दौरान यह चौंकाने वाले तथ्य सामने आए कि आरोपी संदीप कुमार चंद्रा के बैंक खाते के विरुद्ध **गुजरात, तेलंगाना, कर्नाटक एवं दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों में 5 साइबर शिकायतें** दर्ज हैं।
वहीं मुख्य आरोपी मुकेश कुमार दास के तीन बैंक खातों की जांच में **13 साइबर फ्रॉड शिकायतें** दर्ज होना पाया गया। इनमें—
* इंडसइंड बैंक खाते में 3 शिकायतें
* एक्सिस बैंक खाते में 6 शिकायतें
* इंडियन ओवरसीज बैंक खाते में 4 शिकायतें
दर्ज हैं। इन शिकायतों से संबंधित कुल संदिग्ध राशि लगभग **8 करोड़ रुपये** पाई गई है। जांच में यह भी सामने आया कि मुकेश के खातों में साइबर ठगी से संबंधित करीब **10 लाख रुपये** प्राप्त हुए थे।
### **खातों में लाखों रुपये होल्ड**
पुलिस कार्रवाई के दौरान आरोपी केशव साव के एक्सिस बैंक खाते में लगभग **99 लाख रुपये** तथा आरोपी शिशिर राठौर के खाते में लगभग **1 लाख रुपये** होल्ड कराया गया है। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपियों द्वारा आपराधिक षड्यंत्र के तहत साइबर अपराध से प्राप्त राशि को विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से प्राप्त एवं स्थानांतरित किया जा रहा था।
### **एनसीआरपी पोर्टल से मिले अहम सुराग**
राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) से प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपियों के खातों के विरुद्ध देश के विभिन्न राज्यों में कई साइबर अपराध संबंधी शिकायतें दर्ज हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि यह गिरोह अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय होकर ऑनलाइन निवेश और शेयर ट्रेडिंग के नाम पर लोगों को निशाना बना रहा था।
### **वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में सफल कार्रवाई**
यह महत्वपूर्ण कार्रवाई **पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) रामगोपाल गर्ग**, **वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) रजनेश सिंह** एवं **नोडल अधिकारी गगन कुमार** *थाना प्रभारी प्रसाद सिन्हा* के मार्गदर्शन में संपन्न हुई।आरोपियों की गिरफ्तारी एवं पूरे नेटवर्क के खुलासे में **निरीक्षक कामिल हक**, **प्रधान आरक्षक सैयद साजिद**, *सहायक उप निरीक्षक जीवन साहू **वरिष्ठ आरक्षक भानु प्रताप**, **दीपक यादव**, **दीपक कौशिक**, **विजेंद्र मरकाम**, **चिरंजीव** तथा **मुकुंद नेताम** की सराहनीय भूमिका रही।




