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रबी सीजन में टोकन से मिलेगा खाद, कालाबाजारी पर लगेगी लगाम

खेती के रकबे के आधार पर होगा उर्वरक वितरण, डिजिटल प्रणाली से बढेगी पारदर्शिता किसानों को जागरुक करने गांव-गांव में चौपाल के माध्यम से दी जा रही जानकारी

 

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आगामी रबी सीजन 2026-27 में किसानों को उर्वरक वितरण की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। अब किसानों को खेती के रकबे के आधार पर ‘FFS’ (Framework For Fertilizer Sale) साफ्टवेयर के जरिए टोकन प्रणानी से खाद उपलब्ध कराई जाएगी। इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य किसानों को सही समय पर उचित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराना, वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाना और खाद की कालाबाजारी पर पूरी तरह से अंकुश लगाना है।

इस नई व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए उप संचालक कृषि तरुण कुमार प्रधान ने बताया कि नई व्यवस्था को सफल बननो के लिए विभागीय अधिकारियों / कर्मचारियों, सहकारी समितियों, निजी कृषि केन्द्र संचालकों को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि रबी सीजन 2026-27 में टोकन आधारित उर्वरक वितरण प्रणाली की सुचारुरुप से कियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।

 

प्रमुख बिंदुः-

 

प्रशिक्षण कार्यक्रम – नई व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए उप संचालक कृषि श्री तरुण कुमार प्रधान के निर्देशन में सक्ती जिले के समस्त वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों और सहकारी समितियों के प्रबंधकों व ऑपरेटरों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।पारदर्शिता और सही वितरण- इस डिजिटल प्रणाली के माध्यम से उर्वरक वितरण को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाया जा रहा है। किसानों को खेती के रकबे के आधार पर ही खाद की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।ग्राम-स्तरीय चौपाल- किसानों को इस नई प्रक्रिया और डिजिटल टोकन प्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी देने के लिए चल रहे ग्राम स्तर पर कृषि चौपाल के माध्यम से किसानों को जानकारी दी जा रही है, ताकि किसानों को रबी सीजन में खाद प्राप्त करने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।कार्रवाई की चेतावनी- कृषि विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि प्रणाली के सुचारू क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की अनियमितता या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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