आक्रामक बंदर का सफल रेस्क्यू, वन विभाग ने सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ा, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस

सक्ती, // सक्ती वन परिक्षेत्र अंतर्गत मालखरौदा क्षेत्र में विगत कुछ दिनों से एक आक्रामक नर बंदर द्वारा ग्रामीणों पर हमले किए जाने की घटनाएं सामने आ रही थीं, जिससे क्षेत्र में भय एवं असुरक्षा का वातावरण उत्पन्न हो गया था। स्थिति की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए वन विभाग द्वारा त्वरित संज्ञान लेते हुए विशेष रेस्क्यू अभियान प्रारंभ किया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार वनमण्डलाधिकारी जांजगीर-चाम्पा, सक्ती श्री हिमांशु डोंगरे के निर्देशन एवं उपवनमण्डलाधिकारी सक्ती श्री शिवेन्द्र साहू के मार्गदर्शन में सक्ती वन परिक्षेत्र, उड़नदस्ता दल जांजगीर-चाम्पा, सक्ती वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा क्षेत्रीय गोसेवक सदस्यों के संयुक्त सहयोग से विगत 3 से 4 दिनों तक सतत निगरानी रखते हुए सुनियोजित रणनीति के तहत रेस्क्यू कार्यवाही की गई। इस अभियान में जूलॉजिकल गार्डन, कानन पेंडारी बिलासपुर से डॉ. पी.के. चन्दन सहित विशेषज्ञ टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विभागीय रेस्क्यू दल द्वारा पूरी सावधानी, सतर्कता एवं तकनीकी दक्षता के साथ बंदर को सुरक्षित रूप से पकड़ने में सफलता प्राप्त की गई। रेस्क्यू उपरांत बंदर का प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया तथा उसे सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया। बंदर के हमलों में घायल हुए ग्रामीणों को तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया एवं नियमानुसार वन विभाग द्वारा उन्हें तात्कालिक सहायता राशि भी प्रदान की गई। जिला प्रशासन एवं वन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वन्य जीवों के प्रति सतर्कता एवं संयम बनाए रखें तथा किसी भी प्रकार की असामान्य गतिविधि की सूचना तत्काल संबंधित विभाग को दें।



