उल्लास नवभारत साक्षरता पखवाड़ा कार्यक्रम गतिविधि के अंतर्गत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कार्यकर्ताओं और नवसाक्षरों का हुआ अभिनंदन

सेवा संकल्प अभियान के तहत हुआ सम्मान

जांजगीर-चांपा

देश भर में साक्षरता के प्रसार,प्रौढ़ शिक्षा और बुनियादी साक्षरता अभियान को गति देने वाले वालंटियर्स,शिक्षकों और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले को सम्मानित करने के लिए ‘साक्षर भारत सम्मान समारोह’ का भव्य आयोजन बीआरसी भवन बम्हनीडीह में किया गया।इस समारोह का मुख्य उद्देश्य देश से निरक्षरता के उन्मूलन के लिए कार्य कर रहे जमीनी कार्यकर्ताओं के योगदान की सराहना करना और समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।

कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण:

दीप प्रज्वलन एवं उद्घाटन: समारोह की शुरुआत मुख्य अतिथियों और शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों द्वारा दीप प्रज्वलन व साक्षरता गीत के साथ हुई।

उत्कृष्ट योगदानकर्ताओं का सम्मान:
उल्लास नवभारत साक्षरता पखवाड़ा गतिविधि के अंतर्गत उल्लेखनीय कार्य करने वाले कुमारी अंजू सूर्यवंशी, रश्मि कुमारी पटेल,राधा मनहर,अनिता महिपाल,सिमरन गबेल,रेखा पांडे,ममता कौशिक,वामिनी पांडे, सावित्री कश्यप,चांदनी साहू,तरूणा श्रीवास, नारायण मती कश्यप, पितांबर प्रसाद कश्यप,सीताराम धृतलहरे, गोरेलाल बरेठ,मोहन कुमार जोगी,सरोज देवांगन,जयराम बघेल,नीरज राठौर,तरूण कुमार सूर्यवंशी,चक्रधर सिंह राठौर,ढुलेश्वर रजक,फागूलाल साहू,अजय पलांगे,विक्रम कंवर,राजेश कंवर,धरमदास मानिकपुरी,धनेश्वर देवांगन,नोहरराम साहू,सुंदर,अनिल कुमार राठौर प्रेरकों,स्वयंसेवी संस्थाओं और शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

नवसाक्षरों की कहानियां:
समारोह में उन नवसाक्षरों (विशेषकर महिलाओं) को भी मंच पर सम्मानित किया गया।जिन्होंने उम्र की बाधा को पीछे छोड़ते हुए पढ़ना-लिखना सीखा। उन्होंने अपने जीवन में आए बदलाव और आत्मविश्वास के अनुभव साझा किए।

डिजिटल साक्षरता पर जोर:
विकास खंड शिक्षा अधिकारी बसंत चतुर्वेदी ने बुनियादी साक्षरता (पढ़ने-लिखने) के साथ-साथ डिजिटल साक्षरता और वित्तीय साक्षरता को आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत बताया।
आगे अपने संबोधन में कहा कि साक्षरता केवल अक्षरों का ज्ञान नहीं,बल्कि आत्म-सशक्तीकरण का माध्यम है।जब तक समाज का अंतिम व्यक्ति साक्षर नहीं हो जाता तब तक यह अभियान जारी रहेगा।
समारोह का समापन
राष्ट्रगान और विकास खंड को पूर्ण साक्षर बनाने के सामूहिक संकल्प व ब्लाक समन्वयक साक्षर भारत डॉ उमेश कुमार दुबे के आभार व्यक्त एवं मेहनत और उपलब्धि के सम्मान में-“जमी पर रहकर जो आसमां को छूने का हौसला रखते हैं,दुनिया के भीड़ में वही लोग अपनी अलग पहचान रखते हैं। उनकी इस मेहनत को प्रणाम करता है यह उल्लास मंच,जो हर मुश्किल को आसान करने का हुनर रखते हैं।”के साथ कार्यक्रम की समापन की घोषणा की गई।कार्यक्रम का संचालन राजेश कंवर ने किया।इस अवसर पर बीआरसी एच के बेहार,प्राचार्य श्रीमती जीवन लता बड़ा,श्रीमती उषा राठौर,कृष्णा प्रधान,सीता सूर्यवंशी,अमृत लाल साहू, इंद्रभूषण जायसवाल,राजेश तिवारी, बजरंग श्रीवास व विकास खंड के समस्त प्राचार्य एवं सीएसी उपस्थित थे।





