चांपा नगरपालिका अंतर्गत शहरवासियों को दिए जाने वाले पानी,कभी सुबह तो कभी शाम के चक्कर में लोगों का दिनचर्या अस्त व्यस्त

जांजगीर-चांपा // चांपा नगरपालिका अंतर्गत नगर में जल प्रदाय की जाने वाली पानी कभी सुबह सप्लाई की जाती है तो कभी शाम को जिससे शहर में रहने वाले लोगों का दिनचर्या ही बदल जाता है क्योंकि जो परिवार नगरपालिका द्वारा दी जाने वाली पानी के भरोसे अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं उनके जीवन जीने का समय ही बदल जाता है उनके परिवारों को पहले पानी की व्यवस्था की चिंता होती है उसके बाद काम को जाना होता है चूंकि अधिकांश मध्यम परिवार और उससे नीचे स्तर का परिवार काम करके अपने परिवार के लिए रोटी का व्यवस्था करता हैं लेकिन अगर एक भी पाली में नगरपालिका से पानी सप्लाई नहीं होने से काम को छोड़कर पानी व्यवस्था पहले प्राथमिकता बन जाती है फलस्वरूप जीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है। आपने सुना होगा या आप इसे संदेश के रूप में भी कह सकते है जल ही जीवन है। संसार में रहने वाले जीव जन्तु से लेकर समस्त सुक्ष्म जीवो को भी जल, हवा की आवश्यकता होती है धार्मिक पुराणों की दृष्टि से माने तो सबसे श्रेष्ठ मानव जीवन को माना गया है क्योंकि मनुष्य को सोचने समझने की शक्ति है परंतु अत्यधिक दुख और चिंता की बात है जिस पानी को लेकर केन्द्र सरकार और राज्य सरकार की योजनाएं देशभर में तरह तरह की योजनाएं संचालित है मगर वही चांपा शहर में जल से संबंधित योजनाएं धरातल स्तर पर पुरी तरह फेल होती नजर आ रही है कारण आपको बताते है शहर में पानी सप्लाई के लिए पाईप जरूरत मंदों तक हर घर बिछाई गई है ताकि लोगों को पानी की सुविधा मुहैया कराई जा सके इसके लिए बकायदा पानी का बिल लोगों द्वारा नगरपालिका में पटाया जाता है मगर बरसात में मोटर में पानी गुस गया, गर्मी के दिनों में लाईट की असुविधा से पानी टंकी फूल नहीं हुआ हसदेव नदी में जल प्रवाह बढ़ गया है पम्प में रेती फस गया है तरह तरह के परेशानियां सुनने को मिलती है और यह हर वर्ष की समस्या है तो आखिर अब तक नगरपालिका द्वारा समुचित कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाए जा रहे हैं और कब तक पानी के बुंद बुंद के लिए समय समय पर शहर वासियों को जुझना पडे़गा। क्या पानी के लिए समय-समय पर तरसना पड़ेगा या फिर प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को कोई ठोस पहल करनी चाहिए। साथ ही पानी सीमित समय तक दी जाती है जिसका समय अवधि को बढा़ए क्योंकि अक्सर देखा गया है पानी खुलते कुछ समय नल से गंदा पानी आता है दुसरी बात पानी लिमिट समय अंतराल बंद कर दिया जाता है और इधर किस वार्ड में पानी सप्लाई गया कहां वार्ड वासियों को पानी की कमी हुई इसका जानकारी लिए बगैर पानी को लिमिट अंतराल में बंद करना कहां तक उचित मानी जाए।जिससे उनकी मनमानी रवैया झलकती है ऐसा लगता है कही इनकी तानाशाह रवैया सामने आ रही हो। जरूरी है कि शाषन प्रशासन गंभीरता से गहन विचार विमर्श कर पानी की समस्या को लेकर कदम नहीं बल्कि महत्वपूर्ण और सराहनीय पहल होना चाहिए।