सक्ती-

जननायक स्वर्गीय बिसाहू दास महंत के 101 वी जयंती पर चरण दास महंत ने कहा उनके सपनों को पुरा करने आया हूं और जीवन काल तक करता रहूंगा

सक्ती // जननायक स्वर्गीय बिसाहू दास महंत की 101 वी जयंती धुमधाम से मनाई गई नेता प्रतिपक्ष डां. चरणदास महंत ने स्वर्गीय बिसाहू दास महंत बाल उद्यान में उनके पिता जी के स्थापित प्रतिमा में आदर , सम्मान पुर्वक माल्यार्पण किया साथ में जनप्रतिनिधियों सहित कार्यकर्ताओं और गणमान्य नागरिक गण जनो का बहुसंख्या में उपस्थिती रही इस दौरान मीडिया के समक्ष अपने पिता स्वर्गीय बिसाहू दास महंत जी को याद करते उनके कार्यो को तथा किए गए जन विकास के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि आज बाबू जी कि 101 वी जयंती और मेरे लिए बहुत सौभाग्य की बात है कि हम लोग 101 सालों तक याद करते रहते हैं उनके द्वारा बहुत सारे काम जो वो कर गए थे नहरो का काम मुख्य हैं सड़कों का काम मुख्य हैं स्कूलों का काम मुख्य हैं जगह जगह स्कूल खुलाकर जगह जगह गांव को जोड़कर के और हर खेत में पानी पहुंचाने का जो सपना था आज वो पुरा हुआ है और हम लोग जांजगीर तहसील जांजगीर जिला सक्ती जिला बिलासपुर खरसिया तक के लोग उनके दिए हुए इस योगदान से बहुत ही संपन्न हुए हैं उनके बाल बच्चे पढ़ रहे हैं उनके बाल बच्चों को नौकरी मिली है और छत्तीसगढ़ का एक समाज है जो गरीब माना जाता था मजदूर माना जाता था आज वे उभर के सामने आया है इसलिए हमेशा मै उनका योगदान याद करता हूं और मै जरुर आज के दिन बता देना चाहता हूं क्योंकि आप ने थोड़ा प्रश्न किया है मै राजनीति में नहीं आना चाहता था मैंने अपने घर के भरण पोषण के लिए नौकरी ज्वाइन कर ली थी उधर मुझे अर्जुन सिंग जी ने कहा और दबाव डाला और कहा कि क्या तुम्हारे पिताजी के जो सपने थे पुरे हो गए हैं मैंने कहा नहीं बाप का सपना बेटा पुरा नही करेगा तो कौन बाहर से आके पुरा करेगा तो उनके भावनात्मक दबाव के कारण ही उनके सपने पूरे करने आया हूं और कर रहा हूं और जब तक जीवन है करता रहुंगा और अंत में उन्होंने अपने वाणी को विराम दिया।इस दौरान कांग्रेस के जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता गण सहित गणमान्य नागरिक गण और जन समर्थक तथा स्थानीय लोगों की मौजूदगी रही।

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