अंधकार पर प्रकाश और अधर्म पर धर्म की विजय के रूप में मनाया जाने वाला इस शुभ दीपावली पर आप सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं : डां उमेश दुबे

जांजगीर-चांपा

दीपावली भारत का सबसे प्रमुख,पवित्र और हर्षोल्लास का त्योहार है, जिसे अंधकार पर प्रकाश और अधर्म पर धर्म की विजय के रूप में मनाया जाता है।’शुभ दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं’ केवल एक संदेश नहीं, बल्कि प्रेम,भ्रातृत्व और सकारात्मकता की अभिव्यक्ति है।पौराणिक कथाओं के अनुसार,इस दिन भगवान श्री राम 14 वर्ष के बनवास के बाद माता सीता और भाई लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटे थे।अयोध्या वासियों ने अपने प्रिय राजा के आगमन की खुशी में पूरे नगर को घी के दीयों से सजाया था।दीपावली की संध्या पर धन,समृद्धि की देवी मां लक्ष्मी और बुद्धि के देवता श्री गणेश की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।लोग अपने घरों और प्रतिष्ठानों में सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।इस पर्व पर घरों की सफाई की जाती है,द्वार पर सुंदर रंगोली बनाई जाती है और पूरे घर को दीयों व रंग-बिरंगी लाइटों से रोशन किया जाता है।दीपावली का त्योहार आपसी मतभेदों को मिटाकर रिश्तों में मिठास घोलने का अवसर है।लोग एक-दूसरे को मिठाइयां, उपहार और ‘शुभ दीपावली’ के शुभकामना संदेश देते हैं।यह त्योहार हमें सिखाता है कि चाहे अज्ञान और बुराई का अंधकार कितना भी गहरा क्यों न हो,ज्ञान और अच्छाई का एक छोटा सा दिया उसे मिटाने की सामर्थ्य रखता है।
डॉ उमेश दुबे
उल्लास नवभारत साक्षरता विकास खंड परियोजना अधिकारी बम्हनीडीह
जिला नोडल अधिकारी
गौ विज्ञान परीक्षा 2026 एवं शाक वाटिका
जांजगीर चांपा छग




