सक्ति जिला भाजपा द्वारा भगवान बिरसा मुंडा की 151वीं जयंती और जनजातीय गौरव दिवस को लेकर जिला स्तरीय कार्यशाला संपन्न

सक्ति,
भगवान बिरसा मुंडा जी की 151वीं जयंती एवं ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के पावन अवसर पर आज भारतीय जनता पार्टी जिला-सक्ती द्वारा जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह आयोजन आगामी सप्ताह भर (11 नवंबर से 18 नवंबर 2026) तक चलने वाले देशव्यापी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने के लिए किया गया। गरिमापूर्ण उपस्थिति।कार्यक्रम का शुभारंभ महापुरुषों के तैलचित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। इस गरिमापूर्ण अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में श्री संदीप कंवर जी, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री टिकेश्वर गबेल जी, एसटी मोर्चा जिला अध्यक्ष श्री धर्मेंद्र सिंह जी, तथा जिला प्रभारी श्री भोजराम साहू जी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इनके साथ-साथ पार्टी के तमाम जिला एवं मंडल पदाधिकारी भी भारी संख्या में कार्यक्रम में शामिल हुए।वक्ताओं के मुख्य बिंदु कार्यशाला को संबोधित करते हुए राजा धर्मेन्द्र सिंह ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा (धरती आबा) भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान नायक थे, जिन्होंने अल्प आयु में ही ब्रिटिश औपनिवेशिक सत्ता और सामंती शोषण के विरुद्ध जनजातीय समाज को एकजुट किया। वे केवल एक स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि एक महान समाज सुधारक और सांस्कृतिक संरक्षक भी थे।संदीप कंवर जी ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि वर्ष 2021 से प्रतिवर्ष 15 नवंबर को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय देश के जनजातीय समाज के सम्मान में एक ऐतिहासिक कदम है। टिकेश्वर गबेल जी ने वर्तमान में केंद्र और राज्य सरकारें जनजातीय क्षेत्रों के समावेशी विकास—शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वरोजगार और वनोपज के मूल्य संवर्धन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा
कार्यशाला के दौरान आगामी 11 नवंबर से 18 नवंबर 2026 तक आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की विस्तृत योजना बनाई गई, जिसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं:प्रेस वार्ता एवं मीडिया प्रसार: 12 नवंबर को जिला मुख्यालय पर प्रेस वार्ता का आयोजन।स्मारकों की सफाई एवं दीपोत्सव: 14 नवंबर को जनजातीय स्मारकों व मूर्तियों की साफ-सफाई तथा सायंकाल में दीपोत्सव।पुष्पांजलि एवं सम्मान: 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण तथा जनजातीय विभूतियों व समाजसेवियों का अभिनंदन।सांस्कृतिक एवं खेल गतिविधियां: जनजातीय स्वाभिमान सम्मेलन, पारंपरिक लोकनृत्य, खेलकूद प्रतियोगिताएं और मेलों का आयोजन।कार्यक्रम के अंत में वक्ताओं ने कहा कि महापुरुषों का यह स्मरण और उनके आदर्श हमें राष्ट्र सेवा की नई ऊर्जा प्रदान करते हैं। इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी कार्यकर्ताओं से बढ़-चढ़कर जनभागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की गई।




