विधानसभा में उठेगा पेंशन का मुद्दा

विधायक बालेश्वर साहू से हुई टीचर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों की चर्चा

जांजगीर-चांपा // छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ब्लॉक बम्हनीडीह एवं ब्लॉक जैजैपुर के पदाधिकारियों ने जैजैपुर विधानसभा के विधायक श्री बालेश्वर साहू जी से मुलाकात करके शिक्षक एल बी संवर्ग के मांगो को विधानसभा में उठाने एवं माननीय मुख्यमंत्री जी को पत्र लिखने के लिए मांग पत्र सौंपा।विधायक बालेश्वर साहू ने टीचर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधि मंडल से कहा कि मांगो को पूरा करने मुख्यमंत्री को पत्र लिखेंगे, तथा बजट भाषण एवं ध्यानाकर्षण में मांगो को विधानसभा में उठाएंगे।सौंपे गए ज्ञापन में जिन मांगो को शामिल किया गया है उसमें पूर्व सेवा अवधि को पेंशन की गणना में शामिल करने रमेश चंद्रवंशी WPS 2255/2021, रामलाल डडसेना WPS 2930/2021 एवं अन्य के मामले में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा यह महत्वपूर्ण रूप से प्रतिपादित किया गया है कि पेंशन एक कल्याणकारी योजना है तथा यह सेवाओं के बदले दिया जाने वाला स्थगित पारिश्रमिक है। साथ ही न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि संविलियन से पूर्व याचिकाकर्ताओं द्वारा दी गई दीर्घकालीन सेवाओं को अप्रासंगिक मानकर नजर अंदाज नहीं किया जा सकता। इसके अतिरिक्त माननीय उच्च न्यायालय ने यह निर्देश भी दिया है कि सेवा की निरंतरता, किए गए कर्तव्यों की प्रकृति, वेतन का स्रोत, प्रशासनिक नियंत्रण तथा संविधान के अनुच्छेद 14 एवं 16 के अंतर्गत समानता के संवैधानिक सिद्धांतों को अनिवार्य रूप से ध्यान में रखा जाना चाहिए।ज्ञापन में मांग किया गया कि केंद्र सरकार, उत्तरप्रदेश सरकार व उत्तराखंड सरकार की तरह छत्तीसगढ़ राज्य में भी पेंशन निर्धारण के लिए 33 वर्ष अर्हकारी सेवा के स्थान पर 20 वर्ष अर्हकारी सेवा होने पर 50 % पेंशन निर्धारण का प्रावधान किया जावे।न्यूनतम 10 वर्ष की सेवा अवधि पर पेंशन निर्धारण का प्रावधान है, इससे एल बी संवर्ग के अनेकों शिक्षक बिना पेंशन के सेवानिवृत हो रहे है, अतः न्यूनतम 5 वर्ष की सेवा अवधि पर पेंशन निर्धारण का प्रावधान किया जावे।30 हजार सहायक शिक्षक पदोन्नति एवं क्रमोन्नति से वंचित है, पदोन्नति हेतु दिए गए वन टाईम रिलेक्सेशन की तरह क्रमोन्नति के लिए 10 वर्ष की सेवा को एक बार (वन टाइम रिलेक्सेशन) के लिए शिथिल करते हुए 5 वर्ष में क्रमोन्नति का लाभ देने प्रावधान किया जावे।छत्तीसगढ़ राजपत्र शिक्षक पंचायत संवर्ग भर्ती तथा सेवा की शर्ते नियम 17 अगस्त 2012 के तहत शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को अनिवार्य किया गया है, इसके पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता समाप्त किया जावे साथ ही माननीय सुप्रीम कोर्ट के 1 सितम्बर 2025 को पारित निर्णय में हस्तक्षेप/पुनर्विचार याचिका दायर करते हुए शिक्षा विभाग द्वारा विभागीय सीमित परीक्षा आयोजित कर सेवारत शिक्षकों के हितों की रक्षा किया जावे।सहायक शिक्षक, शिक्षक जो केवल डीएड या समकक्ष योग्यता रखते हैं, उन सभी के लिए एनसीटीई के नियमानुसार कोर्स निर्धारण कर 6 माह के बीएड ‘ब्रिज कोर्स शीघ्र प्रारम्भ किया जावे।स्कूलों में मोबाइल वीएसके ऐप से ऑनलाइन अटेंडेंस के स्थान पर स्कूलों में बायोमैट्रिक (पंच) मशीन से उपस्थिति लिया जावे।ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष बसंत चतुर्वेदी, उमेश तेम्बूलकर ब्लॉक अध्यक्ष बम्हनीडीह, लोचन चंद्रा ब्लॉक जैजैपुर जिला पदाधिकारी विनोद राठौर, भागीरथी चंद्रा, संतोष देवांगन, अशोक देवांगन, लखेश्वर चंद्रा, नेहरू पटेल, दिलीप पांडेय, क्रांति कुमार सिंह चंदेल, उत्तम चंद्रा, शरद चतुर्वेदी, झाम लाल यादव, राम लाल निराला, गोपाल सूर्यवंशी, विक्रम सिंह कंवर, कुशल देवांगन सहित पदाधिकारी शामिल थे।



