आरक्षक चन्द्रहांस लहरे ने दी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल

पीड़िता को थाना बुलाकर 68000 रुपये एवं चांदी के जेवरात सहित बैक पासबुक, आधार कार्ड सुरक्षित लौटाया गया
जांजगीर-चांपा // थाना सारागांव में पदस्थ आरक्षक चन्द्रहास लहरे द्वारा अपने कर्तव्य निर्वहन के साथ -साथ मानवता एवं ईमानदारी का सराहनीय परिचय दिया गया। उल्लेखनीय है कि दिनांक 27 दिसंबर को आरक्षक चन्द्रहास लहरे प्रातः लगभग 11:00 बजे जब ड्यूटी जाने थाना सारागांव आ रहे थे, इस बीच सारागांव बस स्टैण्ड से लगभग 100 मीटर की दूरी पर सड़क किनारे एक लावारिस थैला पड़ा मिला। तब थैला उठाकर देखने पर उसमें नगदी रकम एवं आभूषण पाए गए। आसपास किसी व्यक्ति के नहीं मिलने पर उन्होंने तत्काल थाना प्रभारी सारागांव निरीक्षक सुभाष चौबे को इसकी सूचना दी थैला थाना लाकर महिला प्रधान आरक्षक लेखक सरस्वती जांगड़े को सुपुर्दनामा किया गया। थैले की जांच करने पर पता चला कि उसमें ₹68,000/- नगद, पुराने चांदी के जेवरात, आधार कार्ड एवं ग्रामीण बैंक की पासबुक पाई गई। प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर ग्राम सरवानी के सरपंच को सूचित किया गया, जिनके माध्यम से थैले के वास्तविक मालिक की पहचान नागेश्वरी धीवर उम्र 51 वर्ष, निवासी ग्राम सरवानी, थाना सारागांव के रूप में हुई।संपर्क करने पर पीड़िता द्वारा बताया गया कि उक्त थैला चांपा में सुनार दुकान पर सोना-चांदी बदलने जाते समय गुम हो गया था। पीड़िता को थाना बुलाकर पूछताछ की गई और थैले में रखी संपूर्ण सामाग्री दिखाने पर उसके वास्तविक स्वामित्व की पुष्टि हुई तत्पश्चात नगदी ₹68,000/- एवं चांदी के पुराने जेवरात, आधार कार्ड एवं बैंक पासबुक विधिवत् रूप से पीड़िता को सुरक्षित लौटाए गए।इस सराहनीय कार्य हेतु आरक्षक चन्द्रहास लहरे ने अपने कर्तव्य के साथ -साथ उच्च नैतिक मूल्यों और मानवता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। पीड़िता ने पुलिस प्रशासन के प्रति गहरी सहानुभूति, विश्वास एवं आभार व्यक्त किया है।




