जांजगीर चाम्पा

महिला सशक्तिकरण पर अम्बेडकरवादी दृष्टिकोण
(इतिहास से वर्तमान तक बहुजन नारी नेतृत्व का उद्घोष)

डॉ. जी. सी. भारद्वाज
              प्राचार्य
शासकीय लक्ष्मणेश्वर स्नातकोत्तर महाविद्यालय खरौद, जिला जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़

युवा साथियों,
आज मैं उस परंपरा को नमन करता हूँ,
जिसने अंधकार में भी प्रकाश बोया।
वह परंपरा शुरू होती है—
सावित्रीबाई फुले से,
जिन्होंने तानों, पत्थरों और अपमान के बीच,
बालिकाओं के हाथ में पुस्तक थमाई।
वह परंपरा आगे बढ़ती है—
फातिमा शेख से,
जिन्होंने अपने घर को ही विद्यालय बना दिया।
वह चेतना सशक्त होती है—
रमाई (रामाबाई आंबेडकर) के त्याग से,
और फिर उसे संवैधानिक स्वर मिलता है—
डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर के विचार से!
जिन्होंने स्पष्ट कहा—
“मैं किसी समाज की प्रगति को उसकी महिलाओं की प्रगति से मापता हूँ।”
साथियों,
यह परंपरा इतिहास में ही नहीं रुकी,
यह वर्तमान में भी जीवित है।
जब सामाजिक न्याय की राजनीति में
एक दलित बेटी ने उत्तर प्रदेश की सत्ता संभाली,
तो वह केवल राजनीतिक घटना नहीं थी,
वह इतिहास का प्रतिशोध था।
वह थीं बहन  कुमारी
मायावती,
जिन्होंने बहुजन समाज को सत्ता का आत्मविश्वास दिया।
आज भी संसद, प्रशासन, शिक्षा, न्यायपालिका,
हर क्षेत्र में बहुजन बेटियाँ
संघर्ष की नई इबारत लिख रही हैं।
मैं कहता हूँ,
नारी केवल करुणा नहीं,
नारी क्रांति है।
नारी केवल संबंध नहीं,
नारी संविधान है।
जिस दिन हर बहुजन बेटी
शिक्षित, संगठित और स्वाभिमानी होगी,
उस दिन यह राष्ट्र
सच में समतामूलक होगा।
माताओं औऱ बहनों!
आपको किसी की कृपा नहीं चाहिए,
आपको चाहिए अवसर।
आपको दान नहीं चाहिए,
आपको अधिकार चाहिए।
ज्ञान आपका अस्त्र है,
संगठन आपकी शक्ति है,
और संविधान आपकी ढाल है।
उठो!
अपने भीतर की सावित्री को जगाओ,
अपने भीतर की फातिमा को पहचानो,
अपने भीतर की मायावती का आत्मविश्वास भरो,
और अपने भीतर की भीम चेतना को प्रज्वलित करो।
क्योंकि!
जब नारी सशक्त होगी,
तो समाज समतामूलक होगा।
जब नारी नेतृत्व करेगी,
तो लोकतंत्र मजबूत होगा।
जब नारी स्वाभिमान से जिएगी,
तो बहुजन मुक्ति का सूर्य उदय होगा।
यह केवल भाषण नहीं,
यह संकल्प है।
यह केवल कविता नहीं,
यह परिवर्तन का उद्घोष है।
आओ, मिलकर प्रतिज्ञा लें!
नारी सम्मान ही मानव सम्मान है।
नारी स्वतंत्रता ही सामाजिक क्रांति है।
अंतराष्ट्रीय महिला दिवस की अशेष बधाइयाँ 🌹
जय भीम। जय बहुजन नारी शक्ति।

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